
काहिरा: आखिरकार शुक्रवार को मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने घुटने टेकते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के साथ ही मुबारक अपने पूरे परिवार के साथ काहिरा छोड़कर जा चुके हैं। इस तरह मिस्र में मुबारक का 30 साल के शासन का अंत हो गया।
मिस्र के उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान ने पुष्टि की है कि मुबारक अब राष्ट्रपति नहीं हैं। उन्होंने सरकारी टेलीविज़न पर घोषणा की है कि फ़िलहाल चुनाव होने तक सरकार का संचालन मिलिट्री काउंसिल करेगी। मिस्र की बागडोर सेना के हाथों में आने के बाद जहाँ मिस्र के भीतर जश्न मनाया जाने लगा वहीं दुनिया के अनेक देशों ने मुबारक के इस्तीफ़े का स्वागत किया।
अमेरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि मुबारक का इस्तीफ़ा मिस्र में बदलाव का अंत नहीं बल्कि एक शुरुआत है। अब सेना को देश में आपातकाल ख़त्म कर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने चाहिए।
उधर स्विट्जरलैंड सरकार ने मुबारक तथा उनके परिवार की सारी संपत्ति जब्त कर ली है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लार्स नूचेल के मुताबिक यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मिस्र की किसी भी सरकारी संपत्ति की हेराफेरी का खतरा नहीं लेना चाहती। सरकार ने उनकी किसी भी संपत्ति खासकर रियल एस्टेट की बिक्री पर पाबंदी लगा दी है। गौरतलब है कि 2009 के अंत तक स्विस नेशनल बैंक में मिस्र का 3.6 अरब स्विस फ्रैंक्स (3.5 अरब डॉलर) जमा था।

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