
देश के सबसे बड़े जेल तिहाड़ में एक अदभुत नज़ारा पेश आया जिससे वहां के कुछ क़ैदियों के वारे के न्यारे हो गये। देश की कई कंपनियां कर्मचारियों की तलाश में तिहाड पहुंच रही हैं। इस दौरान, नौकरी के लिए तिहाड़ की अलग अलग जेलों से 46 कैदियों को चुन लिया गया है। इन कैदियों में सज़ायाफ्ता और विचारधीन दोनो ही कैदी शामिल थे।
कुल 15 कंपनियां प्लेसमेंट के लिए तिहाड़ पहुंची थी। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि सभी कैदियों को इस प्लेसमेंट के दौरान नौकरी मिल गई कुछ कैदियों को तो जॉब लैटर भी मिल गया।
तिहाड़ भारत की पहली ऐसी जेल है जहां कैदियों को छूटने के बाद उनका रोजगार सुनिश्चित करने की पहल की जा रही है। इससे कैदियों में भी खुशी का माहौल है। इस प्लेसमेंट में पहला जॉब लैटर मणिपुर के जॉर्ज कमई को मिला। जॉर्ज तिहाड़ में हत्य़ा और सबूत नष्ट करने के आरोप में बंद है एक कंपनी ने जार्ज को 8 हजार रुपए प्रतिमाह नौकरी पर अपने यहां रखा है।
वहां कंपनियों को इस प्लेसमेंट से फायदा यह है कि उनके पास कैदियों का पूरा प्रोफाइल होगा जिससे आगे उन्हे किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।
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