
कोलंबो : वर्ल्ड कप 2011 के एक अहम मैच में पाकिस्तान ने टास जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए श्रीलंका के सामने 278 रनों का लक्ष्य रखा है। पाकिस्तान ने 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर ये स्कोर खडा किया। पाकिस्तानी बल्लेबाज़ी में मिस्बाह उल हक़ और यूनुस ख़ान ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं जिसकी बदौलत उनकी टीम ये संतोषजनक स्कोर तक पहुंचने में सफ़ल हो सकी। इस मैच में भी पाकिस्तान की सलामी जोडी लंबी साझेदारी नहीं निभा सकी और नए बल्लेबाज़ अजमल शहज़ाद परेरा की गेंद पर संगकारा को कैच थमा बैठे।
दूसरे सलामी बल्लेबाज़ मोहम्मद हफ़ीज़ ने कुछ आक्रामक शाट खेले लेकिन वो बदक़िस्मत रहे और बडे नाटकीय ढंग से रन आउट हो गये। पाकिस्तान ने 76 के योग पर अपना दूसरा विकेट खोया। फिर दूसरे छोर पर टिककर खेल रहे कामरान अकमल ने मिस्बाह उल हक़ के साथ मिलकर रन जोडने शुरू किये लेकिन फिर कामरान भी स्पिनर हेराथ की गेंद पर स्टंप आउट हो गये। कामरान ने 5 चौको की मदद से 39 रन बनाए।
फिर क्रीज़ पर आए पूर्व कप्तान यूनुस ख़ान ने अपने तजुर्बे का बख़ूबी इस्तेमाल करते हुए मिस्बाह के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिये 108 रन जोडे। इस साझेदारी की बदौलत पाकिस्तान झतकों से उबर कर अच्छे स्कोर तक पहुंच सका। फिर यूनुस ख़ान को हेराथ ने अपनू गेंद पर जयवर्धने के हाथों कैच आउट करा कर इस जोडी को तोडा। यूनुस ने 4 चौकों की मदद से 72 रन बनाए।
पिछले मैच के हीरो रहे उमर अकमल कोई कमाल नहीं कर सके और केवल 10 रन बनाकर मुरलीधरन का शिकार बने। फिर कप्तान आफ़रीदी भी कोई कमाल नहीं कर सके और तेज़ी से रन बनाने के चक्कर में मैथ्यूज़ की गेंद पर दिलशान को कैच थमा बैठे। आफ़रीदी ने 3 चौके लगाकर 16 रन बनाए। जबकि एक छोर पर डटे रहे मिस्बाह उल हक़ ने 83 रनों की नाबाद पारी खेली। मिस्बाह ने 6 चौके लगाए।
श्रीलंका की ओर से हेराथ सबसे सफ़ल गेंदबाज़ रहे जिनहोंने अपने 10 ओवरों में 46 रन देकर 2 विकेट लिये। जबकि परेरा ने भी 2 विकेट लिये लेकिन उन्होंने अपने 9 ओवरों में 62 रन दे डाले। कुलसेकरा भी महंगे साबित हुए, उन्होंने 64 रन दिये और उन्हें कोई सफ़लता भी नहीं मिल सकी। मैथ्यूज़ ने 56 रन देकर 1 विकेट लिया। जबकि मुरलीधरन ने किफ़ायती गेंदबाज़ी करते हुए केवल 35 रन देकर 1 विकेट चटकाया।

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