
लखनऊ : पूरे एक महीने के तक बांदा बलात्कार केस की शिकार पीड़ित लड़की शीलू शनिवार को जेल से बाहर आयी। और जब उसने अपनी आपबीती मीडिया को बताई तो वह रोंगटे खड़े कर देने वाली थी। पीड़िता के मुताबिक बसपा के नरैनी विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी ने अपने कई साथियों के साथ मिलकर 12 दिसम्बर की रात उसका रेप किया था। और यही नहीं इस घटना के बाद उसे जान से मारने की कोशिश भी की गई थी, जिसके बाद वो जान बचाकर भागने की कोशिश कर रही थी तभी उस पर मोबाइल और पांच हजार रुपये की चोरी का फर्जी मुकदमा दायर कर 15 दिसंबर को उसे जेल भिजवा दिया गया।
पीड़िता पर ज़ुल्मो सितम के दास्तां यहीं ख़त्म नहीं हुई, जब वो जेल पहुंची तो वहां पुलिस वालों ने भी उसकी नहीं विधायक की बात सुनी। शीलू ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस वाले उसको जेल में पिटते थे। यहां तक कि बिधायक के भाई के सामने पुलिस ने मुझे मारा और धमकी दी। पीड़िता ने विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी को तत्काल फांसी पर लटकाने की गुजांरिश की है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बांदा बलात्कार कांड में बहुजन समाज पार्टी विधायक के घर चोरी के झूठे आरोप में जेल में बंद लड़की को करीब एक महीने बाद शनिवार रात जेल से रिहा कर दिया गया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद हरकत में आई राज्य सरकार ने लड़की की जेल से तत्काल रिहाई के आदेश दिए। इससे पहले कल मुख्यमंत्री मायावती ने भी शीलू की रिहाई के लिये निर्देश जारी कर दिये थे।
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