
मिस्र की राजधानी के काइरो शहर का बाहरी और पिछड़ा हुआ इलाका है मनशिअत नासेर। यहां हर घर की छत पर कबाड़ा बिखरा रहता है। यहां पूरे देश का कबाड़ा लाया जाता है और यहां के हर इंसान की जिंदगी इस कबाड़े से चलती है। दिनभर यहां सड़कों पर कबाड़ा लाते हुए वाहनों को देखा जा सकता है। हर सड़क, हर गली में कुड़े के ढ़ेर लगे हुए हैं। वहां पर बड़ों के साथ साथ बच्चों को भी इसमें से बेचने योग्य सामान की तलाश होती है। इसमें से 80 प्रतिशत माल बेचा या फिर रीसाइकिल किया जाता है। बाकी बचा हुआ माल यूं ही बिखरा रहता है और गंदे जानवर उसमें घूमते हैं, या फिर इसका ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है।
ऐसा नहीं है कि यहां पर अच्छें घर नहीं है। यहां पर भी हर आम शहर की तरह मकान, बिल्डिंग्स और अपार्टमेंट हैं। लेकिन सभी की छतों पर ऐसा ही नज़ारा देखने को मिलता है।