Monday, March 7, 2011

जयललिता ने मीडिया संगठनों को भेजा कानूनी नोटिस



चेन्नई : अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता ने अपना नाम हसन अली से जोड़े जाने से गुस्सा होकर उन खबरों के सिलसिले में द्रमुक समर्थित कलइग्नार टीवी सहित तीन मीडिया प्रतिष्ठानों को कानूनी नोटिस भेज कर बिना शर्त माफी मांगने के लिए कहा है। इस टीवी चैनल और कुछ अख़बारों में जयललिता का नाम पुणे के उद्योगपति हसन अली खान के साथ जोड़ा गया था।

खान पर विदेश में काला धन जमा करने का आरोप है। यह नोटिस मुंबई से निकलने वाले दोपहर के अखबार 'मिडे डे', चेन्नई स्थित द्रमुक के आधिकारिक मुखपत्र 'मुरासोली' और 'कलइग्नार टीवी' को भेजा गया है। जयललिता का कहना है कि यदि तीनों मीडिया प्रतिष्ठानों ने उनके नोटिस पर जवाब नहीं दिया तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगी।

अधिवक्ता पीएच मनोज पाडियन के माध्यम से भेजे गए नोटिस में जयललिता ने तीनों मीडिया प्रतिष्ठानों से बिना शर्त माफी मागने के लिए कहा है। नोटिस में पाडियन ने कहा है कि खबरों में जो दावे किए गए उनकी कोई पुष्टि नहीं की गई थी और न ही इन दावों के समर्थन में कोई दस्तावेज है।

उन्होंने कहा कि मिड डे की खबर में एक अज्ञात जाच अधिकारी को यह कहते हुए बताया गया कि हसन अली खान के धन की जाच से संकेत की सुई एक महिला राजनीतिज्ञ की ओर जाती है जो दक्षिण भारत के एक राज्य की मुख्यमंत्री भी थी। हसन अली खान पर करोड़ों रुपये की कर चोरी का भी आरोप है। पाडियन ने कहा, 'यह भ्रामक, गलत तथ्य है और पीत पत्रकारिता है।'

उनके अनुसार, जयललिता साफ कह चुकी हैं कि उनका हसन अली से कोई लेना देना नहीं है। जयललिता ने ही विदेशी बैंकों में काला धन जमा करने वालों के खिलाफ बयान जारी किए और कार्रवाई करने पर जोर दिया।

अधिवक्ता ने कहा कि मिड डे की खबर मुरासोली और कलइग्नार टीवी की खबरों का स्रोत बन गई। तमिल दैनिक में महिला मुख्यमंत्री की पहचान जयललिता के रूप में की गई और एक झूठी खबर प्रकाशित की गई जिसका प्रसारण कलइग्नार टीवी पर हुआ। नोटिस में उन्होंने कहा है कि खबर के प्रकाशन से पहले तथ्यों की प्रामाणिकता की जाच नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि मेरी मुवक्किल का कहना है कि इन खबरों में कोई सत्यता नहीं है। ये खबरें झूठी और बेबुनियाद हैं और इनका उद्देश्य मेरी मुवक्किल और उनकी पार्टी की छवि धूमिल करना है।

पाडियन ने कहा कि खबर के कारण जयललिता को जो नुकसान हुआ उसका आकलन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि दैनिकों को बिना शर्त जयललिता से माफी मागनी चाहिए और माफीनामे का प्रकाशन प्रथम पृष्ठ पर करना चाहिए। कलइग्नार टीवी को इसका प्रसारण भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई नोटिस मिलते ही की जानी चाहिए अन्यथा इन मीडिया प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

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