
नई दिल्ली : भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ने के कारण कांग्रेस के निशाने का शिकार बने योगगुरु बाबा रामदेव ने काला धन मामले पर अपनी सफ़ाई पेश की है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव की प्रॉपर्टी के बाद उनके ट्रस्ट को मिल रहे दान के पैसे पर सवाल उठाते हुए बाबा से उनकी संपत्ति का ब्यौरा देने को कहा था। अब योग गुरू ने इसका जवाब देते हुए कहा है कि उनके ट्रस्ट को दान में कोई काला धन नहीं मिलता है।
एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि उनके ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ और दिव्य योग मंदिर का कुल 11 सौ करोड़ का टर्नओवर है। उनके पास एक-एक पैसे का पूरा हिसाब है। उन्होंने कहा कि उनके ट्रस्ट को चंदे के जरिए पैसा मिलता है। पैसे का पूरा हिसाब होता है। दान में कोई काला धन नहीं लिया जाता है।
गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने पहले कहा था कि भ्रष्टाचार की बात करने से पहले बाबा को अपनी आय और व्यवसाय के बारे में जानकारी सार्वजनिक करना चाहिए। इसके बाद उन्होंने बाबा को मिल रहे चंदे के पैसे पर भी सवाल उठाए थे।
सिंह ने कहा था कि 'बाबा को अगर राजनीति में आना है, तो खुलकर राजनीति में आएं, वरना लोगों को योग सिखाते रहें। दोनों के घालमेल का कोई मतलब नहीं है।' इससे पहले बाबा के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान से कथित तौर पर नाराज एक कांग्रेसी सांसद ने उनके साथ बदतमीजी करते हुए उन्हें गालियां तक दे डाली थीं।
बाबा रामदेव द्वारा काले धन और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ शुरू की गई ये स्वाभिमान यात्रा ख़ासतौर पर कांग्रेस नेताओं को खल रही है। अब देखना ये होगा कि बाबा का ये अभियान क्या रंग लाता है।
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