
नई दिल्ली: अब पेट्रोलियम मंत्रालय में बदलाव का असर दिखने लगा है। वर्तमान पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने कहा है कि मुक्त बाजार व्यवस्था में भी जनभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। जबकि पूर्व पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा पेट्रोल के दाम बढऩे पर यह कहकर पल्ला झाड़ते थे कि वह ‘नियंत्रण मुक्त’ हो चुका है, सरकार कुछ नहीं कर सकती।
फिलहाल रेड्डी ने कहा है कि डीजल, मिट्टी के तेल ही नहीं बल्कि नियंत्रण मुक्त हुए पेट्रोल के दाम में भी फिलहाल बढ़ोतरी की कोई संभावना नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत एक सौ अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने के बाद माना जा रहा था कि सरकार दाम वृद्धि कर सकती है। रेड्डी ने कहा कि सरकार ने भले ही पेट्रोल के दाम को नियंत्रण मुक्त कर दिया हो लेकिन मुक्त बाजार व्यवस्था में भी जन-भावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस साल सरकारी तेल कंपनियों को रियायती दर पर एलपीजी, डीजल बेचने से 80 हजार करोड़ रुपए या फिर 1 लाख करोड़ रुपए तक का नुकसान हो सकता है लेकिन अभी तक दाम वृद्धि पर किसी तरह का विचार नहीं किया जा रहा है।
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