
तिरुवनंतपुरम : केरल विधानसभा में विपक्ष ने सरकार से तुरंत कार्यवाही की मांग करते हुए कहा कि सरकार अब तक, हाल में हुए सबरीमाला मंदिर हादसे के पीड़ितों को मुआवज़ा नहीं दे पाई है। सबरीमाला हादसे के अलावा भी पुराने हादसों के मामले में भी पीड़ितों को अभी तक मुआवजा प्रदान नहीं किया गया है। कांग्रेस विधायक टी. राधाकृष्णन ने सबरीमाला दुर्घटना मामले में चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव की मांग की।
गौरतलब है कि गत 14 जनवरी को सबरीमाला मंदिर के समीप पुलुमेंदू में दर्शन के दौरान भीड़ के बीच भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 103 लोग मारे गए थे। राधाकृष्णन ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केरल राज्य में तीन हादसों वर्ष 1999 की दुर्घटना में मारे गए 53 लोगों, वर्ष 2002 में कन्नामलाई हादसे में मारे गए 12 लोगों और हाल में हुई दुर्घटना में मरने वाले लोगों के लिए मुआवजे की सरकारी घोषणा केवल कोरी कल्पना ही साबित हुई है।
विधायक ने कहा कि वर्ष 2009 में हुई दुर्घटना में मारे गए लोगों के लिए मुआवज़े के तौर पर एक लाख रुपये की राशि घोषित की गई थी। जिसका अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है। ठीक इसी तरह, पुलुमंदू हादसे में घोषित किये गये पांच लाख रुपये अभी तक पीड़ितों को नहीं मिल पाए है।
राधाकृष्णन के सवालों के जवाब में देवासम मंत्री कडनपल्ली ने बताया कि वर्ष 2009 के हादसे में तकनीकी कारणों के चलते मुआवजे का भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में हुई दुर्घटना में देवासम ने मुआवजे की घोषणा की थी, लेकिन इसका भुगतान नहीं हो पाया क्योंकि हाईकोर्ट ने बोर्ड के सभी भुगतानों की मंजूरी अदालत द्वारा दिए जाने का आदेश दिया है। हालांकि हमने पीड़ितों के परिजनों को 25,000 रुपये की मदद मुहैया कराई है।
No comments:
Post a Comment