
शिमला/कुल्लू : हमारे देश में जहां एक ओर बेहद तेज़ रफ़्तार से भ्रष्टाचार बढ़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर ऐसा लगता है कि इसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की भी धीमी सी शुरूआत हो गई है। हिमाचल प्रदेश में 15 लाख रूपये की रिश्वत लेने के मामले में पुलिस के एक एआईजी को विजिलेंस और शिमला की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (एसआईयू) की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ कुल्लू के विजिलेंस थाने में केस दर्ज हो गया है।
एसआईयू और कुल्लू विजिलेंस टीम के संयुक्त अभियान में शुक्रवार शाम ये गिरफ्तारी हुई है। हालांकि किसी भी अधिकारी ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। इस कारण उक्त एआईजी का नाम नहीं खोला गया है। विजिलेंस ने इसी मामले में एआईजी के साथ-साथ कुल्लू के बोलगा स्टूडियो के मालिक रमेश बोलगा को भी गिरफ्तार किया है।
उक्त एआईजी पर आरोप है कि उन्होंने एसपी कुल्लू रहते हुए किसी मामले में 15 लाख की रिश्वत ली थी। एक और मामले में कुछ हाइडल प्रोजेक्ट्स में पुलिस स्पलाइड टू ऑवर डिपार्टमेंट मुहैया करवाने की एवज में उन पर रिश्वत मांगने का भी आरोप है। इस मामले की भी जांच चल रही है। एडीजीपी विजिलेंस के.सी. सडयाल ने इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। प्रधान गृह सचिव अजय मित्तल ने भी इस मामले में अनभिज्ञता जताई है। आईपीएस अफसर को विजिलेंस ने कुल्लू से गिरफ्तार किया है। वे पिछले कुछ दिनों से छुट्टी पर चल रहे थे।
जांच टीम को एडीजीपी के खाते में एसपी कुल्लू रहते हुए 15 लाख रुपए जमा होने के बारे में सबूत भी मिले हैं। ये भुगतान चेक के जरिए हुआ। रिश्वत की कुछ राशि एआईजी के नजदीकी रिश्तेदारों के खातों में भी गई है। एसपी कुल्लू से उनका तबादला तीन माह पूर्व ही हुआ है। उनके एसपी पद पे रहते हुए नैनादेवी भगदड़ मामले में उनकी कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठे थे। फिर बिलासपुर में सहयोगी अफसरों के साथ मतभेद उभरने लगा था जिस कारण इनका तबादला कर दिया गया था।
इस बार एक एआईजी पुलिस की शर्मनाक हरक़त ने ख़ाकी को दाग़दार बना दिया। जनता की नज़र में पुलिस की छवि को धूमिल कर दिया है।
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