Tuesday, August 31, 2010

मॉनसून सत्र का आख़िरी दिन आज

अभी तक के काफ़ी हंगामेदार रहे मॉनसून सत्र का आज आख़िरी दिन है। और आज राज्यसभा में टॉर्चर बिल को रखा जाना है। इस बिल के पास होने के बाद देश में ऐसे सरकारी कर्मचारियों और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ भी कार्रवाई की जा सकेगी, जिन पर किसी से कोई जानकारी लेने के लिए प्रताड़ना देने या ज़बर्दस्ती करने का आरोप हो। इस विधेयक में ऐसा करने वाले सरकारी मुलाजिमों पर जुर्माना और दस साल तक जेल की सज़ा का प्रावधान है। यह क़ानून सरकार को इसलिए लाना पड़ा है, क्योंकि भारत ने अक्टूबर 1997 में संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किये थे, जिसमें जुल्मो-सितम और हैवानियत के ज़रिए जुर्म क़बूल कराने वाले सरकारी कारिंदों को सज़ा दिलाने का इरादा ज़ाहिर किया गया है। गृहमंत्री पी चिदंबरम आज प्रिवेंशन ऑफ़ टॉर्चर बिल 2010 राज्यसभा में पेश करने वाले हैं। यह विधेयक लोकसभा में पहले ही पारित किया जा चुका है। अभी तक के काफ़ी हंगामेदार रहे मॉनसून सत्र में कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोंक झोंक हुई। जहां महंगाई पर सरकार को विपक्ष ने जमकर घेरा, वहीं विपक्ष की चिंताओं को दूर कर सरकार ने परमाणु लायबिलिटी बिल को पास कराने में कामयाबी हासिल की

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