पाकिस्तानी क्रिकेटर एक बार फ़िर सट्टेबाज़ी के खेल में लिप्त पाये गये। ये सनसनीखेज़ खुलासा लंदन के एक अखबार के स्टिंग ऑपरेशन में हुआ। जिसमें इंगलैण्ड़ ओपन में लोस में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच में मजहर मजीद ने पाकिस्तानी फास्ट बोलर मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ के साथ नो-बॉल डालने को लेकर फिक्सिंग की थी। स्टिंग ऑपरेशन कर रहे अखबार के संवाददाता से मजीद ने 1,50,000 पाउंड लिए और वादा किया कि पाकिस्तानी बोलर्स बताए गए समय पर लॉर्ड्स टेस्ट में नो-बॉल फेंकेंगे। और ऐसा ही हुआ। इतना ही नहीं मजीद का कहना है कि मैं खिलाड़ियों को ड्रिंक्स देने जाता था। जब भी हम विकेट नहीं ले पाते थे तो मैं हाथ में वेसलीन लेकर जाता था और उनसे हाथ मिलाता था। वे इसे बॉल के एक तरफ लगाते थे और गेंद अचानक स्विंग लेने लगती थी। इस बात से साफ हो जाता है धोखेबाजी सिर्फ मैच फिक्सिंग तक ही सीमित नहीं है। पाकिस्तानी टीम में बॉल से छेड़खानी आम हो चली है।
Sunday, August 29, 2010
धोखेबाजी सिर्फ मैच फिक्सिंग तक सीमित नहीं:मजीद
पाकिस्तानी क्रिकेटर एक बार फ़िर सट्टेबाज़ी के खेल में लिप्त पाये गये। ये सनसनीखेज़ खुलासा लंदन के एक अखबार के स्टिंग ऑपरेशन में हुआ। जिसमें इंगलैण्ड़ ओपन में लोस में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच में मजहर मजीद ने पाकिस्तानी फास्ट बोलर मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ के साथ नो-बॉल डालने को लेकर फिक्सिंग की थी। स्टिंग ऑपरेशन कर रहे अखबार के संवाददाता से मजीद ने 1,50,000 पाउंड लिए और वादा किया कि पाकिस्तानी बोलर्स बताए गए समय पर लॉर्ड्स टेस्ट में नो-बॉल फेंकेंगे। और ऐसा ही हुआ। इतना ही नहीं मजीद का कहना है कि मैं खिलाड़ियों को ड्रिंक्स देने जाता था। जब भी हम विकेट नहीं ले पाते थे तो मैं हाथ में वेसलीन लेकर जाता था और उनसे हाथ मिलाता था। वे इसे बॉल के एक तरफ लगाते थे और गेंद अचानक स्विंग लेने लगती थी। इस बात से साफ हो जाता है धोखेबाजी सिर्फ मैच फिक्सिंग तक ही सीमित नहीं है। पाकिस्तानी टीम में बॉल से छेड़खानी आम हो चली है।
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