
पुट्टपर्थी: सत्य सांईं बाबा के निजी कक्ष 'यजुर मंदिर' में मिले अकूत धन का रहस्य आखिरकार खुल ही गया। इस कक्ष से कुबेर का खजाना मिला है। यहां 98 किलो सोना, 307 किलो चांदी तथा 11.56 करोड़ की नकदी मिली है।
सत्य सांईं केंद्रीय ट्रस्ट ने बाबा के कक्ष से मिले धन का ब्योरा शुक्रवार शाम को दिया। ट्रस्ट के सदस्य तथा बाबा के भतीजे आरजे रत्नाकर ने बताया कि धन का आकलन सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज एपी मिश्रा तथा कर्नाटक हाई कोर्ट के पूर्व जज वैद्यनाथ की उपस्थिति में किया गया।
इस दौरान आयकर विभाग का एक आकलनकर्ता भी मौजूद था, जिसने स्वर्ण, आभूषण तथा चांदी के मूल्य आकलन में मदद की। इस अवसर पर पांच ट्रस्टी, पूर्व प्रधान न्यायाधीश पीएन भगवती समेत प्रबंध परिषद के दो सदस्य बतौर स्वतंत्र गवाह मौजूद थे।
रत्नाकर ने मीडिया के समक्ष धन का ब्योरा देते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति पढ़कर सुनाई, जिसमें उन्होंने यजुर मंदिर से 11.56 करोड़ रुपए नकदी, 98 किलो सोना, स्वर्ण आभूषण तथा 307 किलो चांदी मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस पूरी कवायद का मकसद वहां मिले धन की एक पारदर्शी सूची बनाना थी। नकदी को प्रशांति निलयम स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में ट्रस्ट के खाते में जमा करा दिया गया है। इस बात की अफवाह फैल रही थी कि यजुर मंदिर से चोरी-छिपे धन को बाहर ले जाया जा रहा है।
इसी के मद्देनजर सत्य सांईं केंद्रीय ट्रस्ट की 15 जून की बैठक में बाबा का कक्ष खोलने का फैसला किया गया। इसके बाद स्टेट बैंक से चाभी प्राप्त कर यजुर मंदिर खोला गया। गौरतलब है कि बाबा का यह कक्ष अस्पताल में भर्ती होने के दिन 28 मार्च से ही बंद था उसके बाद 24 अप्रैल को बाबा का देहावसान हो गया था।
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