नई दिल्ली : प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को उन खबरों को सिरे से खारिज किया जिनमें कहा गया था कि डॉ. मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक कयानी से गुप्त मुलाकात की थी। रिपोर्टों में कहा गया था कि मोहाली में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से मुलाकात से पहले मनमोहन सिंह ने कयानी से मुलाकात की थी।
प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार हरीश खरे ने रविवार को इस तरह की सभी रिपोर्टों को खारिज कर दिया। एक बयान में खरे ने कहा कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में एक ब्रिटिश अखबार के हवाले से यह कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने युसुफ रजा गीलानी से मुलाकात से पहले कयानी से बात की थी। यह रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है।
गौरतलब है कि लंदन के अखबार द टाइम्स ने खबर प्रकाशित की थी कि भारत और पाकिस्तान के बीच 24 मार्च को मोहाली में खेले गए क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से मुलाकात से पहले मनमोहन सिंह ने क्रिकेट डिपलोमेसी को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष अशफाक परवेज कयानी से भी गुप्त बातचीत की थी।
इस रिपोर्ट में कहा गया था कि मनमोहन सिंह ने एक अनौपचारिक राजदूत को कयानी से संपर्क स्थापित करने के लिए तैनात किया था। अखबार ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा था कि मनमोहन और कयानी के बीच इस बातचीत का मकसद पश्चिम देशों को यह भरोसा दिलाना था कि भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता सही रास्ते पर है।

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