
पुट्टापर्थी: आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा का रविवार की सुबह साढ़े सात बजे अनंतपुर जिले के पुट्टापर्थी में स्थित सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सवा दस बजे मेडिकल बुलेटिन में दी गई। साईं के निधन से उनके करोड़ों भक्तों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे साईं बाबा को 28 मार्च को सांस में तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले उनके फेंफड़ों में तकलीफ रही और दिन ब दिन उनकी हालत बिगड़ती गई। फिर उनके सभी आंतरिक अंगों ने काम करना बंद कर दिया और रविवार की सुबह 7:40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
आंध्र प्रदेश के इस छोटे से जिले में सत्य साईं के दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लग गया है। भक्त रो रहे हैं। भक्तों का मानना है कि उनके भगवान का निधन हो गया है। सत्य यही नहीं सत्य साईं के मंदिर में फिर से प्रार्थना शुरू कर दी है।
अनंतपुर जिला प्रशासन का कहना है कि आज दिन भर यहां भक्तों का सैलाब उमड़ेगा जिसके लिए यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। हालांकि भक्तों को भावनाओं को देखते हुए ट्रस्ट ने बाबा के अंतिम दर्शन कराने का निर्णय लिया है। सत्य साईं बाबा का पार्थिव शरीर पुट्टापर्थी में स्थित आश्रम में शाम 6 बजे से अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। उन्हें यहां अगले दो दिनों तक रखा जाएगा, ताकि उनके भक्त अंतिम दर्शन कर सकें।
बाबा का जन्म 23 नवंबर 1926 को पुट्टापर्थी में हुआ था। उनका नाम सत्यनारायण राजू था। गौरतलब है कि बाबा ने 14 वर्ष की आयु में खुद को शिरडी के साईं बाबा का अवतार घोषित कर दिया था, जिसके बाद लोग उनके भक्त बनते गये।

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