शिमला : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा है कि बौद्ध धर्मगुरू करमापा लामा को अभी कोई क्लीनचिट नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री धूमल ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और ये सारा मामला भारत सरकार के अधीन है। राज्य सरकार ने करमापा को न तो दोषी करार दिया है और न ही क्लीन चिट दी है। मुख्यमंत्री धूमल का ये बयान प्रदेश के मुख्य सचिव के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने करमापा को क्लीनचिट देने की बात कही थी।
वहीं धूमल ने ये भी साफ़ किया कि बडी़ बात ये है कि जो पैसा अवैध रूप से आया वो किसका है और क्या जमीन के बेनामी सौदे हुए हैं। इसकी जांच चल रही है।
इससे पहले शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव राजवंत संधू ने 17वें करमापा उग्येन त्रिनले दोरजे को क्लीन चिट दी थी। गौरतलब है कि करमापा पर चीनी एजेंट होने के आरोप लगे हैं। इसके अलावा उनके मठ से भारी संख्या में विदेशी मुद्रा जब्त की गई है। जिसके बाद से केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं।
धूमल ने राज्य के मुख्य सचिव राजवंत संधू का बचाव करते हुए कहा कि उनके बयान को मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया है, संधू ने कभी भी करमापा को क्लीनचिट देने की बात नहीं की है।

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