पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। जनरल के खिलाफ़ बेनज़ीर भुट्टो हत्याकांड में गैर ज़मानती वारंट जारी कर दिये हैं।अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आतंकवाद निरोधी अदालत ने पूर्व सेना प्रमुख और राष्ट्रपति रह चुके परवेज मुशर्रफ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया. मुशर्रफ को 19 फरवरी को अदालत में हाजिर रहने का आदेश भी दिया गया है. पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी एफआईए ने अदालत के सामने विस्तृत चार्जशीट पेश की है. चार्जशीट में मुशर्रफ को बेनजीर हत्याकांड का आरोपी बनाया गया है.
एफआईए इसी हफ्ते मुशर्रफ का नाम फरार लोगों की सूची में डाल चुकी है. जांच एजेंसी के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति जांच में सहयोग भी नहीं कर रहे हैं. मुशर्रफ फिलहाल लंदन में हैं. वह खुद अपनी मर्जी से वहां रह रहे हैं. इन परिस्थितियों को देखते हुए एफआईए अब इंटरपोल की मदद से मुशर्रफ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने की तैयारी कर रहा है.
अधिकारियों के मुताबिक तहरीक ए तालिबान के प्रमुख बैतुल्लाह महसूद ने भुट्टो को मारने की योजना बनाई थी, जिसका पता तत्कालीन राष्ट्रपति मुशर्रफ को भी चल चुका था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने बेनजीर को पुख्ता सुरक्षा भी मुहैया नहीं कराई। हालांकि परवेज़ मुशर्रफ़ पिछले दो सालों से लंदन में रह रहे हैं।
गौरतलब है कि, बेनजीर भुट्टो की हत्या दिसंबर 2007 में उस समय हुई थी जब वह रावलपिंडी में एक रैली को संबोधित करने के बाद लौट रही थीं।

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