
नई दिल्ली : 2जी स्पेक्ट्रम मामले में केंद्रीय सरकार को लगातार कटघरे मेंखडा करने वाली बीजेपी को भी अब सीबीआई जांच से गुज़रना होगा। इसघोटाले में अब तक यूपीए से जुड़े नेता ही आरोपों के दायरे में आ रहे थे, लेकिनअब सीबीआई ने बीजेपी नेता और पूर्व टेलीकॉम मंत्री अरुण शौरी को भीपूछताछ के लिए बुलाया है। सीबीआई शौरी से 21 फरवरी को पूछताछ करेगी।
सीबीआई करीब 1.70 लाख करोड़ रुपए के इस घोटाले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को पहले ही गिरफ्तार करचुकी है।
2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में हाल ही में यूपीए सरकार द्वारा नियुक्त की गई एक सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट केंद्रको सौंप दी है। जस्टिस शिवराज पाटिल की इस समिति ने एनडीए के कार्यकाल में स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकरबनाई गई नीतियों पर भी प्रश्न उठाए हैं। पाटिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2003 में जारी किए गए लायसेंसकी कीमतों के आधार पर किए गए। इसके लिए कोई नियम भी तय नहीं किए गए और ट्राई के निर्देशों कापूरी तरह उल्लंघन किया गया। यह आवंटन शौरी के कार्यकाल में ही हुआ।
हालांकि शौरी ने इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह को पहले ही स्पेक्ट्रम घोटाले के बारे में जानकारी दे दी थी। शौरी ने आरोप लगाया कि यूपीए 2जी स्पेक्ट्रमघोटाले की सीबीआई द्वारा की जा रही जांच में हस्तक्षेप कर रही है। कांग्रेस ने शौरी के दावे को गलत बताते हुए कहाकि उन्होंने कभी भी प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी नहीं दी।
हालांकि, बीजेपी ने सीबीआई द्वारा अरुण शौरी को पूछताछ के लिए बुलाए जाने का स्वागत किया है। पार्टीमहासचिव रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमें 2-जी से संबंधित किसी भी जांच में कोई आपत्ति नहीं है। शौरी सेपूछताछ करने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे पर कुछ छुपाना नहीं चाहती।

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