Showing posts with label Firozshah Kotla. Show all posts
Showing posts with label Firozshah Kotla. Show all posts

Wednesday, March 9, 2011

अभी टीम इंडिया की एक हार बाक़ी है: धोनी


नई दिल्ली : हॉलैंड के खिलाफ मैच से ठीक पहले टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक सनसनीख़ेज़ बयान देकर सब को चौंका दिया है। क्रिकेट प्रेमियों समेत पूरे देशवासियों को चौंका देने वाले इस बयान का क्या मतलब निकाला जाए, ये तो धोनी ही बता सकते हैं। धोनी ने कहा "टूर्नामेंट में भारतीय टीम की एक हार होनी बाकी है, लेकिन वो आज का मैच नहीं हारना चाहते"

धोनी जानते हैं कि हॉलैंड के बाद बाकी दो मुकाबले दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज से होने हैं और उनमें से कोई टीम भारत के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। लेकिन धोनी कम से कम कल का मैच जीतकर अपना विजय अभियान फिलहाल जारी रखना चाहते हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को कहा कि वह विश्व कप में खेल रही किसी भी टीम को कमजोर नहीं मानते। इस लिहाज से भारतीय टीम हॉलैंड के साथ बुधवार को होने वाले अपने चौथे मुकाबले के लिए उसी स्तर की तैयारी कर रही है, जिस स्तर की उसने इंग्लैंड से भिड़ने के लिए की थी।

हालांकि, धोनी किसी भी टीम को क़मज़ोर नहीं आंकते। "मैंने यह कभी नहीं कहा कि फलां टीम कमजोर है। हमें पता है कि विश्व कप में उलटफेर होते रहते हैं और हम 2007 में इसका शिकार हो चुके हैं। पिछले विश्व कप में कमजोर कही जाने वाली टीम से हारने वाली कोई टीम चार साल बाद किसी को भी कमजोर कहके कैसे नकार सकती है"

धोनी ने कहा कि उनके साथी हॉलैंड के साथ कोटला मैदान पर होने वाले मैच के लिए उसी स्तर की तैयारी कर रहे हैं, जिस स्तर की वे इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका या फिर वेस्टइंडीज के साथ खेलने के लिए करते हैं। हॉलैंड के साथ हमारा अगला मैच है, यह सोचकर हमने अपनी तैयारी की गम्भीरता के साथ समझौता नहीं किया है। हम जानते हैं कि यह मैच हमारे लिए कितना अहम है और यही कारण है कि हम इसे जीतने के लिए सबकुछ दांव पर लगा देना चाहते हैं।

दक्षिण अफ्रीका के साथ आगामी शनिवार को खेले जाने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले भारतीय टीम के पास अपनी कमजोर कड़ियों को ठीक करने का एक अच्छा मौका है। धोनी की टीम हॉलैंड के साथ खेले जाने वाले ग्रुप-बी के अपने चौथे मैच के साथ आने वाली कठिन परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं।

गेंदबाजी, भारतीय टीम की सबसे कमजोर कड़ी के तौर पर उभरी है। खासतौर पर स्पिन विभाग बुरी तरह नाकाम साबित हुआ है। रविचंद्रन अश्विन को मौका ही नहीं मिला है जबकि हरभजन सिंह और पीयूष चावला ने निराश किया है। अनियमित गेंदबाज के तौर पर युवराज ने पांच विकेट लेकर इस विभाग को बिखरने के बचाया था।

Monday, March 7, 2011

वर्ल्ड कप: लडखडाने के बाद, केन्या का सम्मानजनक स्कोर


नई दिल्ली : फ़िरोज़शाह कोटला मैदान में कनाडा और केन्या के बीच खेले जा रहे मैच में टास जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए केन्या की टीम 198 रन पर आल आउट हो गई। शुरुआत में लडखडाने के बाद केन्या की टीम सम्मानजनक स्कोर बनाने में सफ़ल रही। केन्या के दोनों सलामी बल्लेबाज़ 7 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। पहले ओवर की दूसरी गेंद पर ही ओसिन्डे ने बैदवान के हाथों ओउमा को कैच आउट कराकर अपनी टीम को पहली सफ़लता दिला दी। ओउमा अपना खाता भी नहीं खोल पाए। फिर अपने तीसरे ओवर में ओसिन्डे ने एस वाटर्स को बोल्ड मार कर केन्या को दूसरा झटका दिया।

कनाडा की सधी हुई गेंदबाज़ी के आगे केन्याई बल्लेबाज़ बेबस नज़र आ रहे थे। फिर डी ओबुया का विकेट भी ओसिन्डे ने लिया। डी ओबुया 2 रन बनाकर बगाई को कैच थमा बैठे। फिर 1 छोर से तेज़ी से रन बना रहे सी ओबुया भी बैदवान की गेंद पर बोल्ड हो गए। सी ओबुया ने 35 गेंदों पर 3 चौकों और 1 छक्के की मदद से 31 रन बनाए। मध्यक्रम में बल्लेबाज़ी करने आए पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज़ स्टीव तिकोलो भी उम्मीदों पर खरे नही उतर सके और 12 रन बनाकर रिज़वान चीमा की गेंद पर बोल्ड हो गए। इस प्रकार केन्या ने अपने 5 विकेट केवल 57 रनों पर खो दिये थे।

उस समय केन्या का 100 रन पकड पाना भी मुश्किल लग रहा था। लेकिन फिर छठे विकेट के लिये टी मिश्रा और जेके कमान्डे के बीच 52 रनों की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने केन्या के स्कोर को कुछ मज़बूती प्रदान ही। इन दोनों बल्लेबाज़ों ने कनाडाई गेंदबाज़ों का डटकर सामना किया। कमान्डे ने धीमी गते से खेलते हुए 58 गेंदों पर 22 रन बनाए। फिर कमान्डे बालाजी राव की गेंद पर कैच आउट हो गए।

फिर क्रीज़ पर आए थोमस ओडोयो ने मिश्रा का बख़ूबी साथ निभाया। ओडोयो ने मिश्रा के साथ मिलकर 7वें विकेट के लिये 57 रन जोडे, जिसकी बदौलत केन्याई टीम सम्मानजनक स्कोर की तरफ़ बढ़ सका। फिर मिश्रा डेविसन की गेंद पर कैच आउट हो गए। मिश्रा ने 73 गेंदों में 3 चौके लगाकर 51 रन बनाए। फिर ओडोयो ने तेज़ी से खेलते हुए पुछल्लों के साथ मिलकर टीम के स्कोर को 200 के नज़दीक़ पहुंचा दिया। ओडोयो ने 5 चौकों और 1 छक्के की मदद से 62 गेंदों में 51 रन बना डाले। मिश्रा और ओडोयो ने शानदार अर्धशतक जडे।

कनाडा की ओर से ओसिन्डे सबसे क़ामयाब गेंदबाज़ रहे जिनहोंने अपने 10 ओवरों में केवल 26 रन देकर 4 विकेट लिये। रिज़वान चीमा ने 30 रन देकर 2 खिलाडियों को पवेलियन भेजा। जबकि बैदवान, बालाजी राव और डेविसन को 1-1 विकेट मिला।

ADS

चिट्ठाजगत तुरंत छापो

चिट्ठाजगत

The Alex hotel New York