
नई दिल्ली : बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में हाई कोर्ट द्वारा आडवाणी व अन्य लोगों के ख़िलाफ़ क्रिमिनल केस ख़त्म करने के आदेश के ख़िलाफ़ आज सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। 6 दिसंबर 1992 की तारीख़ हमेशा के लिये भारतीय इतिहास में एक काला दाग़ है। इस दिन, शिव सैनिक व बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की सारी सीमाएं लांघते हुए उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बाबरी मस्जिद को शहीद कर दिया था। इस घटना में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत अन्य लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था।
अब, सीबीआई ने शुक्रवार को बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट ने इस मामले में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत 20 लोगों के खिलाफ क्रिमिनल केस खत्म करने का आदेश दिया था।
गौरतलब है कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ दो चार्जशीट दायर की गई थी। पहली चार्जशीट अज्ञात लोगों के खिलाफ थी जबकि दूसरी चार्जशीट आडवाणी सहित 20 लोगों के खिलाफ थी।
अब जबकि, इस घटना को 18 साल बीत चुके हैं, लेकिन अपराधियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होने के बजाए ये मामला अब तक हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के बीच ही लटक रहा है।
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