Wednesday, February 9, 2011

प्रिया दत्‍त ने की जिस्‍मफरोशी को कानूनी मान्‍यता देने की मांग

इंदौर : मुंबई से कांग्रेसी सांसद प्रिया दत्त ने शायद एक नई बहस को जन्म दे दिया है। प्रिया दत्त ने जिस्मफरोशी को कानूनी मान्यता देने की मांग की। इस बात की ज़ोरदार वकालत करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि यौनकर्मी भी समाज का एक हिस्सा हैं और उनके अधिकारों की कतई अनदेखी नहीं की जा सकती।

प्रिया ने कहा कि जिस्मफरोशी को वैधानिक दर्जा दिया जाना चाहिए, ताकि यौनकर्मियों की आजीविका पर कोई असर नहीं पड़े। उन्होंने कहा कि जिस्मफरोशी को दुनिया का सबसे पुराना पेशा कहा जाता है। यौनकर्मियों की समाज में एक पहचान है। हम उनके हकों की अनदेखी नहीं कर सकते। उन्हें समाज, पुलिस और कई बार मीडिया के शोषण का भी सामना करना पड़ता है।

ग़ौरतलब है कि प्रिया दत्त, उत्तर-मध्य मुंबई की कांग्रेस पार्टी की सांसद हैं। प्रिया, मुंबई के रेड लाइट एरिया की महिलाओं पर रिसर्च कर चुकीं हैं। इस रिसर्च के दौरान हुए अनुभव को लेकर उनहोंने कहा, ‘उन पर काम के दौरान मैंने महसूस किया कि हर महिला की अलग ही कहानी है। यह बहुत पुराना पेशा है, जिसे चाहकर भी नकारा नहीं जा सकता। कुछ रेड लाइट क्षेत्रों में विकास के नाम पर बहुत सारे यौनकर्मियों को बेघर किया जा रहा है।’

उन्होंने कहा कि बंद कमरों की अपनी दुनिया में हम इन महिलाओं को नजरअंदाज करते हैं। साथ ही उन्हें कई तरह के शोषण का शिकार होना पड़ता है। उनकी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए कानूनी मान्यता देना जरूरी है। अब ये तो वक़्त ही बताएगा कि कांग्रेसी सांसद द्वारा की गई ये मांग विपक्ष की बहस का मुद्दा बनती है या फिर केंद्रीय सरकार इस ओर कोई क़दम उठाकर जिस्मफरोशी को क़ानूनी मान्यता देकर यौनकर्मियों की ज़िंदगी में सुधार लाती है।

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