
नई दिल्ली: अब दर्शकों के लिए फिल्मों की भव्यता ज्यादा मायने नहीं रखती। दर्शक फिल्मों में बड़े सितारे नहीं बल्कि कहानी में दम देखना चाहते हैं। यही वजह है कि कम और औसत बजट की फिल्मों को भी खूब दर्शक मिलने लगे हैं। इसके साथ ही ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर 16 से 40 करोड़ रुपये तक का व्यवसाय करने में भी समर्थ हैं।
फिल्मकार किरण राव के निर्देशन में पांच करोड़ रुपये की लागत से बनी धोबी घाट ने बॉक्स ऑफिस पर 16 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया तो वहीं रोमांसप्रधान हास्य फिल्म तनु वेड्स मनु ने 40 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया जबकि तनु वेड्स मनु का निर्माण 16 करोड़ रुपये में हुआ था। वहीं वास्तविक जिंदगी की कहानी पर आधारित राजकुमार गुप्ता की नो वन किल्ड जेसिका इस साल प्रदर्शित होने वाली पहली फिल्म है जिसने टिकट खिड़की पर 28 करोड़ रुपये की कमाई की। इस फिल्म में नौ करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। पिछले साल प्रदर्शित हुईं उड़ान और पीपली लाइव भी औसत बजट की फिल्में थीं लेकिन इन दोनों ही फिल्मों ने अच्छा व्यवसाय किया।
यूटीवी मोशन पिक्चर्स के सीईओ सिद्धार्थ रॉय कपूर कहते हैं, कम बजट की फिल्मों की सफलता बताती है कि आजकल के दर्शक मनोरंजन के साथ सामग्री की गुणवत्ता भी देखते हैं। यदि आप उनके लिए रोचक ढंग से कोई कहानी पेश करें तो वे बड़े कलाकार न होने पर भी फिल्में देखने आते हैं। साल के पहले चार महीनों में धर्मेद्र और उनके बेटों सन्नी व बॉबी देओल की यमला पगला दीवाना और विशाल भारद्वाज की 7 खून माफ भी प्रदर्शित हुई। यमला पगला दीवाना जहां दर्शकों को गुदगुदाने में कामयाब रही वहीं 7 खून माफ को मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली। दूसरी ओर पटियाला हाउस और गेम जैसी बड़े बजट की फिल्में बॉक्सऑफिस पर पिट गईं।
कपूर कहते हैं, आज के दर्शक बड़े बजट की बेकार फिल्मों को देखने की बजाए कम बजट की अच्छी फिल्में देखकर खुश हैं।

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