
मोहाली : आयरलैंड के आमंत्रण पर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज टीम, 50 ओवर में 275 रन पर ऑलआउट हो गई। कैरिबियाई टीम की ओर से सलामी बल्लेबाज डेवॉन स्मिथ ने शतक जड़ा वहीं कीरोन पोलार्ड ने विस्फोटक 94 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज शिवनारायण चंद्रपॉल और डेवॉन स्मिथ ने टीम को धीमी शुरुआत दी। दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 24.2 ओवर में 89 रन की पार्टनरशिप हुई। इस साझेदारी को केविन ओ ब्रायन ने तोड़ा। उन्होंने चंद्रपॉल को 35 रन पर पैवेलियन लौटाया। फिर उसी ओवर में केविन ओ ब्रायन ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आए डेवेन ब्रावो को बेहतरीन बोल्ड मारकर पवेलियन की राह दिखा दी।
फिर स्मिथ और रामनरेश सरवन के बीच तीसरे विकेट के लिये 41 रनों की साझेदारी हुई। डाकरेल ने सरवन को मूनी के हाथों कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ा। सरवन ने 1 चौका लगाकर 11 रन बनाए। लेकिन फिर क़्रीज़ पर धाकड़ बल्लेबाज़ कीरोन पोलार्ड ने आयरलैंड के गेंदबाज़ों के छक्के छुड़ा दिये। कीरोन पोलार्ड ने स्मिथ के साथ चौथे विकेट के लिये 63 गेंदों में 88 रन जोड़ डाले। चौथे विकेट के रूप में स्मिथ भी केविन ओ ब्रायन का शिकार बने। स्मिथ ने 133 गेंदों में 11 चौके और 1 छक्का लगाकर 107 रन बनाए।
लेकिन इस साझेदारी के बाद कोई भी बल्लेबाज़ टिक कर नहीं खेल सका। केवल 10 रन आगे बनाकर वेस्टइंडीज़ ने अपने 2 विकेट और खो दिये थे। केवल कीरेन पोलार्ड ने एक छोर पर डटे रहकर आयरिश गेंदबाज़ों की जमकर ख़बर ली। पोलार्ड ने 55 गेंदों में 8 चौके और 5 ताबड़तोड़ छक्के लगाकर 94 रन बनाए। जबकि वो बदक़िस्मत रहे कि शतक से चूक गये नहीं तो वर्ल्ड़ कप के सबसे तेज़ शतक का रिकार्ड अपने नाम कर सकते थे। इनके अलावा वेस्टइंडीज का कोई भी बल्लेबाज़ दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सका। और आख़िरी ओवरों में पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।
आयरलैंड की ओर से केविन ओ ब्रायन ने सबसे ज़्यादा 4 विकटें लीं। लेकिन वो काफ़ी महंगे भी साबित हुए, उन्होंने अपने 9 ओवरों में 70 रन दिये। उनके अलावा मूनी को 58 रन देकर 2 विकेट मिले। जबकि रैन्किन ने बेहद किफ़ायती गेंदबाज़ी करते हुए 35 रन देकर 1 विकेट लिया। डाकरेल और बोथा को भी 1-1 विकेट मिला।

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